Real Estate Business Hindi- जानिए ज़मीन जायदाद का कारोबार कैसे करे

दोस्तों अगर आप जमीन जायदाद का बिजनेस करके प्रॉफिट कमाना चाहते हैं तो रियल एस्टेट बिजनेस आपके लिए बेस्ट है। यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमें न सिर्फ प्रॉपर्टी को बेचने पर कमीशन मिलता है बल्कि खरीदने पर भी कमीशन मिलता है। इस तरह इसमें आप दोनों तरफ से मुनाफे में होते हैं। 

वैसे आजकल आम आदमी से लेकर पढ़े-लिखे लोग तक जिसके पास भी एक्स्ट्रा जमीन या खेत खलिहान है तो वह उसे बेचकर किसी दूसरी जगह पर नई प्रॉपर्टी ले रहे हैं और अपने प्रॉपर्टी को बढ़ा रहे हैं लेकिन दोस्तों अगर आपको इस फील्ड के बारे में सही जानकारी नहीं है तो आप ठीक से बिजनेस नहीं कर पाएंगे और कहीं ना कहीं बीच में अटक जाएंगे।

दोस्तों आपके इसी समस्या का समाधान करने के लिए इस खास टॉपिक पर हम आर्टिकल लेकर आए हैं। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद आपको सब कुछ समझ में आ जाएगा की आखिर रियल एस्टेट का बिजनेस क्या होता है कितने प्रकार का होता है कैसे शुरू करते हैं कौन से डॉक्यूमेंट लगता है कितना इन्वेस्टमेंट करना पड़ता है कितना प्रॉफिट मिलता है और भी ऐसे कई सारे सवालों के जवाब आपको इस आर्टिकल में मिलेंगे. तो दोस्तों कुल मिलाकर बोले तो यह आर्टिकल बहुत इंपॉर्टेंट होने वाला है इसलिए पूरी जानकारी हेतु हमारे साथ लास्ट तक बने रहे………. 

Table of Contents

पहले जानिए क्या होता है रियल एस्टेट

दोस्तों रियल एस्टेट (Real Estate) एक अंग्रेजी शब्द है जिसका हिंदी में शाब्दिक अर्थ होता है वास्तविक संपत्ति। अब बात करें कि वास्तविक संपत्ति किसे कहेंगे तो दोस्तों वास्तविक संपत्ति कुछ और को नहीं बल्कि जमीन जायदाद को कहते हैं। 

दरअसल जमीन इसलिए वास्तविक संपत्ति है क्योंकि पूरी दुनिया इसी पर बसी हुई है. खेत खलिहान से लेकर बड़े-बड़े बिल्डिंग दुकान सब कुछ जमीन पर ही खड़ा हुआ है. अगर जमीन ही नहीं होगा तो इस खूबसूरत दुनिया का अस्तित्व कैसे संभव होगा. इसलिए जमीन एक वास्तविक संपत्ति है और इसी को अंग्रेजी में रियल स्टेट कहते हैं. 

क्या होता है रियल एस्टेट बिजनेस

दोस्तों जैसे कि आप रियल स्टेट का मतलब तो समझ गए हैं अब बात करें की रियल स्टेट का बिजनेस क्या होता है तो जमीन जायदाद से संबंधित कारोबार को ही रियल एस्टेट बिजनेस कहते हैं 

रियल एस्टेट बिजनेस में स्कोप

दोस्तों वर्तमान समय में आधुनिक चिकित्सा पद्धति के कारण मृत्यु दर कम हुई है तथा जन्म दर बढ़ने से जनसंख्या बढ़ रही है लेकिन जीवन जीने – रहने खाने के लिए हर किसी को जगह-जमीन की आवश्यकता है. इसलिए जमीन की डिमांड बढ़ रही है लेकिन इस पृथ्वी पर रहने योग्य भूभाग सीमित मात्रा में है इसलिए जमीन की कीमतों में हर साल बढ़ोतरी हो रही. 

वहीं दूसरी तरफ जनसंख्या बढ़ने से बेरोजगारी भी बढ़ रहा है जिसके चलते लोग गांव से शहर की ओर पलायन कर रहे हैं अब जब गांव से शहर में लोग पलायन कर रहे हैं तो रहने के लिए जगह तो हर किसी को चाहिए ऐसे में बड़े-बड़े फ्लैट बिल्डिंग बनाएं और बेचे जा रहे हैं। अगर किसी अच्छी लोकेशन पर कोई फ्लैट वगैरह बन रहा हो तो उस जगह पर फ्लैट बनने से पहले ही उसका बुकिंग हो जाता है। 

दोस्तों रियली स्टेट बिजनेस में जमीन जायदाद की इस डिमांड को देखते हुए कहा जा सकता है कि आने वाले समय में इसका स्कोप और भी बढ़ जाएगा. 

जानिए कितने प्रकार के होते हैं रियल एस्टेट बिजनेस

दोस्तों रियल स्टेट बिजनेस शुरू करने से पहले आपको इसके सभी प्रकारों के बारे में पता होना जरूरी है ताकि आप सही डिसीजन ले सकें कि आपको किस तरह का रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करना है जिसमें आपको प्रॉफिट हो.  इसलिए अब हम आपको बताने जा रहे हैं रियल स्टेट बिजनेस के प्रकार –

1. मकान मालिक के आधार पर रियल स्टेट बिजनेस

दोस्तों मकान मालिक के आधार पर रियल स्टेट का बिजनेस इस तरह से काम करता है कि जब किसी व्यक्ति के पास खाली जमीन पड़ी होती है तो उसके द्वारा उस जमीन पर बढ़िया फ्लैट बिल्डिंग वगैरह बनवाया जाता है और फिर इस बिल्डिंग को जरूरतमंद लोगों को किराए पर दे दिया जाता है. अब जिन लोगों ने बिल्डिंग या मकान को किराए पर लिया होता है वह मकान मालिक को किराया देते हैं. इस तरह से मकान मालिक को कमाई होती है और रियल एस्टेट बिजनेस का यह प्रकार इसी तरह काम करता है। 

2. फ्लिप प्रॉपर्टी रियल एस्टेट बिजनेस

दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस के अंतर्गत आने वाले इस प्रकार में जर्जर हो चुकी प्रॉपर्टी को खरीद कर उसे फिर से बनाया जाता है और अच्छी कंडीशन में बनाकर उसे महंगे दाम में बेचा जाता है. आप इसे इस तरह समझे कि आपके पास कोई कबाड़ कार है तो आप यूज उसको सुधारवाकर उसमें कुछ नए पार्ट्स लगवाकर और सभी चीज को मेंटेनेंस करके महंगे दाम में बेचकर अपना मुनाफा कमा सकते हैं. इस तरह रियल स्टेट में भी किसी खराब मकान को फिर से चकाचक बनवाकर मंहगे दाम में बेचा जा सकता है,. आपको बता दें कि आजकल मार्केट में लिप प्रॉपर्टी करने से जुड़ा रियल एस्टेट का यह बिजनेस बहुत तेजी से चल रहा है। 

3. एजेंट बनकर कर सकते हैं रियल एस्टेट बिजनेस

दोस्तों रियल एस्टेट एजेंट वह व्यक्ति होता है जो किसी प्रॉपर्टी को खरीदने बेचने में लोगों की मदद करता है. अगर आप रियल स्टेट एजेंट बन जाते हैं तो आपको खुद ही ऐसे लोग और कंपनी मिलेंगे जिन्हें अच्छे प्रॉपर्टी खरीदने की आवश्यकता होगी.  इन लोगो को प्रॉपर्टी खरीदन में मदद  करके आप अपना कमीशन कमा निकाल सकते हैं. बता दें की रियल एस्टेट एजेंट बनने के लिए कानूनी तौर पर सर्टिफिकेट एक की जरूरत होती है।

4. रियल एस्टेट फोटोग्राफर बनकर कर सकते हैं बिजनेस

दोस्तों हमारे भारत के कुछ विकसित राज्यों में यह बिजनेस से तेजी से फैल रहा है. दरअसल बात ये है किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने या बेचने से पहले क्लाइंट को उसका फोटो दिखाना होता है .इसके अलावा न्यूजपेपर , पंपलेट आदि के जरिए प्रॉपर्टी का एडवरटाइजिंग करने के लिए भी अच्छी फोटो की जरूरत होती है तो अगर आपके पास फोटोग्राफी स्किल है तो आप रियल स्टेट में फोटोग्राफर का काम कर सकते हैं. बता दें कि जब आपके द्वारा खींचे हुए फोटो से प्रॉपर्टी स्टिल हो जाएगी तो आपको अच्छा प्रॉफिट मिलेगा। 

5. रियल स्टेट में कर सकते हैं जमीन का व्यापार

दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस में जमीन का व्यापार करने के लिए ज्यादा मेहनत मशक्कत करने की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि आज के टाइम पर हर कहीं जमीन की डिमांड बढ़ी हुई है तो जमीन का व्यापार करने के लिए आपको कहीं जाने की जरूरत पड़ेगी. आप इस बिजनेस को अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं. बस इसके लिए लोगों को पता होना चाहिए कि आप जमीन का व्यापार करते हैं. जब लोगों को पता होगा कि आप जमीन का व्यापार करते हैं तो वह खुद ही आकर इसके लिए आपसे बातचीत करेंगे. इस तरह आप जमीन का व्यापार करके भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। 

6. रियल एस्टेट बिजनेस में कर सकते हैं प्रॉपर्टी मैनेज करने का काम

दोस्तों अपने नोटिस किया होगा कि जब किसी जमीन या बिल्डिंग पर किसी तरह का कंस्ट्रक्शन कार्य चल रहा होता है तो वहां पर कुछ व्यक्तियों का आना अक्सर बना रहता है. दोस्तों इनमें से एक व्यक्ति प्रॉपर्टी मैनेजर भी होता है क्योंकि रियल एस्टेट बिजनेस में प्रॉपर्टी मैनेज करना भी एक बड़ा चुनौती भरा कार्य होता है इसलिए बड़ी-बड़ी कंपनी द्वारा प्रॉपर्टी को मैनेज करने के लिए एक प्रॉपर्टी मैनेजर नियुक्त किया जाता है। 

7. रियल एस्टेट बिजनेस में कर सकते हैं कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट का काम

दोस्तों किसी भी बिल्डिंग को बनाने के पीछे मेहनत के साथ-साथ है दिमाग लगाने की आवश्यकता होती है और इसके लिए कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट की टीम काम करती है. बात करें कि कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट किस बैकग्राउंड में आता है तो दोस्तों यह सिविल इंजीनियर के बैकग्राउंड से ताल्लुक रखता है. अगर आप सिविल इंजीनियर के बैकग्राउंड में काम कर चुके हैं या फिर आपको इसके बारे में जानकारी है तो आप रियल स्टेट में कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट का काम संभाल सकते हैं और रियल एस्टेट में इस तरह से पैसे कमा सकते हैं। 

कैसे शुरू करें रियल स्टेट का बिजनेस 

दोस्तों रियल एस्टेटके बिजनेस को शुरू करने से पहले हमें इसके बारे में पूरी जानकारी हासिल करना बहुत जरूरी है। इससे जुड़े सभी पहलुओं को जब हम अच्छे से जानेंगे तभी हम इस बिजनेस को अच्छे से कर पाएंगे।

1- करें खुद को शिक्षित –

दोस्तों किसी भी नए फील्ड में उतरने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लेना बहुत जरूरी होता है इसलिए रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने के लिए आपको खुद को शिक्षित करना जरूरी है.  क्योंकि दोस्तों इस बिजनेस में सिर्फ जमीन खरीदने और  उसे बेचने से काम नहीं चलेगा. जमीन खरीदने या बेचने के बाद उस पर कंस्ट्रक्शन करवाने , ब्रोकर को देने और इसके कागजी कार्रवाई को पूरा करवाने जैसे बहुत से काम होते हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप रियल स्टेट बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए इस फील्ड में खुद को शिक्षित करें. 

बात करें इस फील्ड में आप खुद को शिक्षित कैसे कर सकते हैं तो इसके लिए कई डिप्लोमा कोर्स है आप उन्हें ज्वाइन कर सकते हैं. इसके अलावा आप चाहे तो अपने लोकल एरिया में होने वाले रियल एस्टेट सेमिनार को ज्वाइन करके भी आप रियल स्टेट में अपनी नॉलेज बढ़ा सकते हैं. 

2 – रियल एस्टेट में चुनाव करें अपने क्षेत्र का

दोस्तों जब आप खुद को रियल स्टेट बिजनेस के बारे में प्रशिक्षित करके अच्छी खासी जानकारी प्राप्त कर लें तो इसके बाद अब आपको रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने के लिए एक सेक्टर का चुनाव होगा जिसमें आप काम करना चाहेंगे.  बता दें की रियल स्टेट में दो सेक्टर आते हैं. एक रेजिडेंशियल और दूसरा कमर्शियल तो आप अपने इंटरेस्ट के अनुसार इनमें से किसी भी फील्ड में जा सकते हैं. 

3 – बढ़ाए कॉन्टैक्ट लिस्ट – 

दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस में सफलता पाने के लिए आपके पास ज्यादा से ज्यादा लोगो का कांटेक्ट लिस्ट होना जरूरी है. आपके पास जितनी लंबी कांटेक्ट लिस्ट होगी आप उतने ही बड़े बिजनेसमैन कहलाएंगे. बात करें कि आप अपने कांटेक्ट लिस्ट कैसे बढ़ा सकते हैं तो इसके लिए आप इस इंडस्ट्री के दिग्गज लोगों से मिलते-जुलते रहें. अगर आप इन लोगों से मिलते-जुलते रहेंगे तो इनको जानने वाले लोग आपको भी जानेंगे और जब भी लोगों को किसी भी तरह के प्रॉपर्टी के लेनदेन या फिर रियल स्टेट से जुड़ा काम होगा तो वह आपको संपर्क करेंगे. 

4 – ध्यान रखें इंडस्ट्री में होने वाले गतिविधियों पर

दोस्तों एक सच्चा बिजनेसमैन वही होता है जो अपने बिजनेस से सेक्टर में होने वाले गतिविधियों पर ध्यान रखता हो और इसकी हर छोटी बड़ी जानकारी से अपडेट रहता हो क्योंकि दुनिया बदलने में इस समय नहीं लगता है. आज कुछ और है तो कल कुछ और हो जाता है. दोस्तों कहने का मतलब है कि आपको समय के साथ खुद को अपडेट करते रहना होगा. 

अगर आप अपनी पुरानी घिसी-पिटी मानसिकताओं के साथ रियल एस्टेट बिजनेस में काम करेंगे तो आप कुछ बड़ा नहीं कर पाएंगे. इसलिए इंडस्ट्री में होने वाले गतिविधियों पर ध्यान रखें और समय के साथ खुद को अपडेट करें. 

5 – तय करें अपने काम करने की जगह

 दोस्तों चाहे आप छोटे लेवल पर रियल स्टेट का बिजनेस करें या फिर बड़े लेवल पर . इसके लिए आपको एक छोटे-मोटे ऑफिस की जरूरत तो पड़ेगी ही. आपका यह ऑफिस किसी ऐसी जगह पर होना चाहिए जहां ज्यादा से ज्यादा लोगों का आना-जाना रहता हो और यह जगह लोग लोगों के पहुंच में भी हो. इस तरह के लोकेशन पर ऑफिस खोलना बेस्ट रहेगा. 

लेकिन एक ऑफिस बना लेने का मतलब यह नहीं है कि आप जिंदगी भर यही काम करते रहेंगे. हर सफल बिजनेस अपना एक हेड ऑफिस बनता है लेकिन उसके नाम से कई सारे ब्रांचेस खोलता है. तो दोस्तों आपको भी ऐसा ही करना है. अभी शुरुआत में आप सिर्फ एक ऑफिस खोले फिर धीरे-धीरे बिजनेस में ग्रोथ होने पर अलग-अलग जगह ब्रांचेस डालें. इससे आपका कस्टमर बेस बढ़ेगा और आसानी से बिजनेस को आगे ले जाया जा सकेगा.

रियल एस्टेट बिजनेस को शुरू करने के चरण –

दोस्तों हर बिजनेस को शुरू करने के लिए अपना एक प्रक्रिया होता है इसी तरह रियल एस्टेट बिजनेस को शुरू करने के लिए भी कुछ स्टेप्स होते हैं जिन्हें फॉलो करना जरूरी है. अगर आप इन स्टेप्स को फॉलो करते हैं तो आपको खुद के अंदर कॉन्फिडेंस आएगा और आप पूरे आत्मविश्वास के साथ इस बिजनेस की शुरुआत कर सकेंगे-

1- मार्केट रिसर्च करना –

हर बिजनेस को शुरूकरने से पहले मार्केट रिसर्च करना जरूरी होता है. बात करें रियल स्टेट बिजनेस में मार्केट रिसर्च का क्या मतलब है तो इसमें आपको यह देखना होगा कि आप जिस जगह पर अपना रियल स्टेट बिजनेस शुरू करने वाले हैं वहां के लोगों की क्या डिमांड है ,उनकी क्या है और वह क्या चीज चाहते हैं. 

अगर आप लोगों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अपने बिजनेस को स्टार्ट करेंगे तो कहीं ना कहीं आगे चलकर आपके लिए यह  बहुत ही फायदेमंद साबित होगा. इसलिए और मार्केट रिसर्च को अहमियत दें. इसे बिल्कुल भी नजर अंदाज न करें

2 – सेल्स एंड मार्केटिंग प्लान –

दोस्तों चाहे रियल स्टेट का बिजनेस हो या फिर कोई और बिजनेस हर कहीं सेल्स बहुत इंपॉर्टेंट होता है क्योंकि जब बिक्री ही नहीं होगी तो फिर शुरू बिजनेस करने का क्या मतलब . ऐसा बिजनेस एक न एक दिन डूब ही जाएगा. दोस्तों इस नुकसान से बचने के लिए हमें पहले से सेल्स और मार्केटिंग प्लान तैयार करना होता है. सेल्स एंड मार्केटिंग प्लान की बात करें तो इसमें कस्टमर को आकर्षित करना और उन्हे प्रोजेक्ट दिखाने से लेकर खरीदारी करने के लिए उन्हे कन्वेंस करने तक चीजें शामिल होती है. 

अगर आप किसी तरह से कस्टमर को मना लेते हैं और अपना सर्विस/प्रोडक्ट उन्हे बेचने में सफल हो जाते हैं तो यहां पर आपके सेल्स और मार्केटिंग करने का मकसद कंप्लीट हो जाता है. जब आप अपने सेल्स और मार्केटिंग प्लान को बार-बार रिपीट करके हर बार सक्सेसफुल सेल्स लाते रहेंगे तो देखते-देखते एक दिन आपका बिजनेस बहुत ऊंचाइयों पर पहुंच जाएगा. 

3- मैनेजमेंट प्लान –

दोस्तों आपने देखा होगा कि बिजनेस तो हर कोई शुरू कर लेता है लेकिन ऐसे काम ही लोग होते हैं जो लंबे समय तक का मार्केट में टिक पाते हैं. दरअसल इसके पीछे एक बड़ी वजह होती है वो है – अच्छे मैनेजमेंट की कमी.  तो अगर आप चाहते हैं की रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने के बाद आपका बिजनेस मार्केट में टिका रहे और लंबे रेस का घोड़ा बने तो इसके लिए आपको एक अच्छा मैनेजमेंट प्लान तैयार करना होगा. इसलिए आगे हम आपको बता रहे हैं कि अपने रियल स्टेट बिजनेस में आपको किन चीजों की प्लानिंग करना चाहिए –  

  1. आप जब भी कोई घर बना रहे हों या किसी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हो तो उसमें किचन , बाथरूम ,  बैडरूम से लेकर घूमने के लिए लॉन, स्विमिंग पूल जैसे बेसिक चीजों के बारे में प्लानिंग जरूर करें. 
  2. कोई भी प्रोजेक्ट स्टार्ट करे तो उसके लिए ऐसी लोकेशन जहां पर आने-जाने के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो. 
  3. अगर आप बड़े लेवल पर रियल स्टेट को बिजनेस करने जा रहे हैं तो इसके लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में हर डिपार्टमेंट के लिए अलग-अलग व्यक्ति का होना जरूरी है ताकि बीच में कोई भी काम न रुके जैसे कि आप लीगल डॉक्यूमेंट से जुड़े काम को देखने के लिए एक लीगल एडवाइजर रखें इसी तरह प्रॉपर्टी सेलिंग  का काम करने के लिए सेल्समैन रखें.

4. फाइनेंशियल प्लैनिंग – 

दोस्तों रियल एस्टेट पैसों का बिजनेस है जिसमें पूरा काम लेनदेन का होता है इसलिए इसमें फाइनेंशियल प्लानिंग करना भी बेहद जरूरी है.अगर आपके पास फाइनेंशियल प्लानिंग होगी तो आप पूरा हिसाब किताब रख पाएंगे कि कब, कहां कितना पैसा इन्वेस्ट हो रहा है. रियल स्टेट बिजनेस में फाइनेंशियल प्लानिंग करने के लिए आपको इन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी-  

  1. Cash Flow Statement
  2. Income Statement
  3. Balance Sheet

दोस्तों अगर आपके पास यह तीनों स्टेटमेंट होंगे तो आपका पैसा सही जगह लगेगा और आप निश्चिंत होकर इस बिजनेस को कर पाएंगे. 

5 – लीगल प्लान –

दोस्त छोटी कंपनी हो या फिर बड़ी कंपनी हर किसी को बिजनेस के लिए कुछ कानूनी कागजात बनवाने पड़ते हैं ताकि बाद में किसी भी तरह का झंझट खड़ा न हो. अगर आप कानूनी तौर पर अपने बिजनेस को करना चाहते हैं तो इसके लिए भी आपको कुछ दस्तावेज बनवाने पड़ेंगे. इन सब कामों को करने के लिए आपको एक वकील की जरूरत होगी. अगर आप अपने लिए एक वकील रख लेते हैं तो आप दफ्तरों के चक्कर काटने से बच जाएंगे और आपका काम भी हो जाएगा. 

रियल एस्टेट बिजनेस में रजिस्ट्रेशन हेतु दस्तावेज –

दोस्तों चाहे आप अकेले में रियल एस्टेट का बिजनेस शुरू कर रहे हों या फिर किसी के साथ मिलकर पार्टनरशिप में यह बिजनेस करना चाहते हों दोनो ही कंडीशन में आपको अपना बिजनेस रजिस्टर करवाना होगा. बात करेंगे अगर आप अकेले में इस बिजनेस को स्टार्ट करते हैं तो इसके लिए आपको अपने लोकल अथॉरिटी से रजिस्टर करना होगा और वहीं अगर पार्टनरशिप में किसी के साथ मिलकर यह बिजनेस स्टार्ट कर रहे हैं तो इसके लिए जिस कंपनी एक्ट के अंतर्गत यह बिजनेस से शुरू कर रहे हैं उसके साथ आपको रजिस्टर करना पड़ेगा. 

बता दें कि कोई भी बिजनेस बिना लीगल एक कार्यवाही एक को पूरा किए बिना शुरू करना वैध माना जाता है तो आप अपने बिजनेस का रजिस्ट्रेशन जरूर करवा

बिजनेस रजिस्ट्रेशन करने के लिए कुछ आवश्यक लाइसेंस की जरूरत होती है जिसके द्वारा बिजनेस रजिस्ट्रेशन का काम पूरा होता है. बिजनेस रजिस्टर हो जाने के बाद आप कानूनी तौर पर मार्केट में अपना रियल स्टेट बिजनेस शुरू कर सकते हैं-   

  1.  आपने बहुत सारी कंपनियों के नाम के साथ है प्राइवेट लिमिटेड शब्द सुना होगा दरअसल यह भी कंपनी रजिस्ट्रेशन का एक प्रकार होता है. अगर आप पार्टनरशिप में किसी के साथ बिजनेस स्टार्ट कर रहे हैं तो आप इस तरह का कंपनी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. 
  2. रियल एस्टेट बिजनेस से होने वाली कमाई पर टैक्स देने के लिए आपको जीएसटी नंबर रजिस्टर करवाना होगा.
  3.  दोस्तों जब आप रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करेंगे चाहे किसी भी तरह का करें वह किसी न किसी एक्ट के अंतर्गत आएगा तो आप अपने रियल एस्टेट बिजनेस को उस एक्ट के तहत रजिस्टर करें जिसके अंतर्गत वह आता है और इस रजिस्ट्रेशन का एक प्रति अपने पास जरूर रखें.
  4. दोस्तों बता दे कि आपके द्वारा रजिस्टर कराए गए लाइसेंस की अवधि 5 साल की होगी. यह अवधि समाप्त होने के बाद आपको फिर से यह लाइसेंस रिन्यू कराना होगा. 

रियल एस्टेट बिजनेस हेतु लागत –

दोस्तों कोई व्यक्ति बिजनेस की शुरुआत करते समय आने वाली लागत के बारे में जरुर सोचता है. अगर बात करें कि रियल एस्टेट बिजनेस को शुरू करने में आपको कितना लागत आएगी तो यह पूरी तरह से आपकी बिजनेस साइज पर निर्भर करता है. अगर आप छोटे लेवल पर रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करेंगे तो कम लागत में बिजनेस की शुरुआत की जा सकती है वहीं पर आप  बड़े स्तर पर इस बिजनेस को करेंगे तो ज्यादा पूंजी लगाना पड़ेगा.

इस बिजनेस में आपको मुख्य रूप से मार्केटिंग , ऑफिस के सेटअप और इधर-उधर आने में जाने में पैसे खर्च करने होंगे. इन सारे चीजों को मिलाकर देखें तो आपको कुल ₹50000 तक का खर्चा आ सकता है. वही बात करें अगर बड़े भी लेवल पर आप इस बिजनेस को करेंगे तो इसमें आपको 5 से 8 लख रुपए तक का लागत आ सकता है. क्योंकि बड़ी लेवल पर बिजनेस करने के लिए आपको खुद इस जमीन लेना होगा जो की ₹4 लाख तक में आएगा और फिर आपको अपने ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने जेब से सैलरी देना होगा. इन सबको मिलकर आपको खर्चा 5 से 8 लाख में बैठ ही जाएगा.  

रियल एस्टेट बिजनेस में प्रॉफिट –

दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस को शुरू करने में भले ही 50 हजार या फिर 5 से 8 लाख रुपए का खर्चा लगता हो है लेकिन एक बार शुरुआत हो जाने के बाद इसमें प्रॉफिट बहुत अच्छा मिलता है. आप जितने से ज्यादा बड़े साइज के प्रॉपर्टी का डील करेंगे आपको उतना ही ज्यादा मुनाफा होगा. 

अगर इस बिजनेस में कमाई की बात करें तो यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगा कि आप के साथ काम करने वाले लोग कितने स्मार्ट , होशियार , ईमानदार और स्किल्ड हैं. अगर आपकी टीम में अच्छे सेल्समैन होंगे तो कहीं न कहीं हमेशा अच्छा सेल्स दिलायेगे जिससे बिजनेस में इनकम बढ़ता रहेगा.  रियल एस्टेट बिजनेस होने वाली कमाई में अगर आप एक निश्चित संख्या जानना चाहते हैं तो यह बता पाना थोड़ा मुश्किल है लेकिन फिर भी हम कह सकते हैं कि यहां हजारों से लेकर करोड रुपए तक की कमाई होती है. 

रियल एस्टेट बिजनेस करने के फायदे –

दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस के स्कोप की बात तो हमने कर ली लेकिन क्या आप रियल एस्टेट बिजनेस से शुरू करने के फायदों के बारे में जानते हैं. बता दें आज के टाइम पर रियल एस्टेट बिजनेस से शुरू करने के इतने सारे फायदे हैं कि हर कोई इसमें दिलचस्पी ले रहा है और इस बिजनेस को शुरू करने के बारे में सोच रहा है. आइए हम आपको रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने के प्रमुख फायदाओं से रूबरू कराते हैं.  

1- प्रॉपर्टी सेल पर फायदा –

दोस्तों इस बिजनेस में आप जब भी किसी क्लाइंट का जमीन खरीदने या बेचने में मदद करते हैं तो आपको हमेशा कुछ परसेंटेज का कमीशन मिलता है जिससे आपको कमाई होती रहती है. 

2 – बिजनेस की साइज के अनुसार मुनाफा – 

दोस्तों रियल एस्टेट के बिजनेस में मिलने वाले कमीशन पर कोई लिमिट नहीं होता है. आप जितना बड़े प्रॉपर्टी का डीलिंग करेंगे आपको उतना ही ज्यादा कमीशन मिलेगा. मान लीजिए आप किसी ऑफिस का डील करते हैं तो आपको कुछ अलग कमीशन मिलेगा. अगर आपको किसी बड़ी प्लॉट का डीलिंग करते हैं तो आपको हजारों रुपए का कमीशन मिलेगा. 

3 – डबल प्राफिट –

दोस्तों रियल एस्टेट के बिजनेस में देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति जमीन खरीदना या बेचता  है तो इस बीच में जो एजेंट होता है वह दोनों साइड से करते है इसलिए जमीन खरीदने और बेचने पर दोनों तरफ से उसे कमीशन मिलता है यानी कि इस बिजनेस में डबल प्रॉफिट है. 

4 – अपनी सुविधानुसार काम –

दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस की खूबसूरती है कि आप इसे अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी कर सकते हैं. इसके लिए आपको 24 घंटे अपने ऑफिस पर रहने की जरूरत नहीं है. आप अपने क्लाइंट से फोन के जरिए या वीडियो कॉल पर भी बात कर सकते हैं. 

5 – प्रापर्टी इन्वेस्टमेंट – 

दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस में अक्सर हमें ऐसी जगह मिलते हैं जिनकी कीमत बहुत कम होती है लेकिन समय आने पर उसकी कीमत बढ़ जाती है तो कहने का मतलब है की रियल एस्टेट बिजनेस में आप अपना इन्वेस्टमेंट करके प्रॉपर्टी पर अच्छा रिटर्न कमा सकते हैं. ‍

रियल एस्टेट बिजनेस में रिस्क –

दोस्तों दुनिया में हर एक काम के प्लस पॉइंट और माइनस पॉइंट होते है. बात करें रियल एस्टेट बिजनेस के माइनस पॉइंट क्या है यानी कि इसमें आपको कौन-कौन से रिस्क का सामना करना पड़ेगा तो इस बिजनेस को शुरू करने से पहले आपको इसके बारे में जरूर से पता होना चाहिए. इसलिए अब हम आपको कुछ ऐसे रिस्क के बारे में बता रहे हैं जो आपको इस बिजनेस में झेलने पड़ सकते हैं-  

  • दोस्तों रियल एस्टेट बिजनेस में प्रॉपर्टी का वैल्यू ऊपर नीचे होता रहता है इसलिए आपको इसमें उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. 
  • रियल एस्टेट बिजनेस को शुरू करने के लिए काफी पैसे लगाने पड़ते हैं . अगर आपसे छोटी-मोटी भूल-चूक हो जाती है तो आपको बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है..
  • अगर आपने कोई बिल्डिंग या फ्लैट बनवाया है और उस पर किसी तरह का डैमेज , प्राकृतिक आपदा आदि आ जाता है तो आपको भारी नुकसान उठाना पड़ेगा.
  • रियल स्टेट के बिजनेस में कई सारे कानूनी दाव पेज का सामना करना पड़ता है.
  • रियल एस्टेट बिजनेस में मैनेजमेंट को लेकर रिस्क होता है. अगर आपके पास अनुभव की कमी होगी तो आप इस बिजनेस को नहीं संभाल पाएंगे.  

रियल एस्टेट बिजनेस की मार्केटिंग कैसे करें-

दोस्तों किसी बिजनेस की सफलता में मार्केटिंग का बड़ा हाथ होता है. आज आप जितने भी बड़े-बड़े ब्रांड के नाम जानते हैं उनको इसलिए जानते हैं क्योंकि उन्होंने अपने बिजनेस की मार्केटिंग कर रखा है और हर रोज आप इनके एडवर्टाइजमेंट को देखते हैं जैसे की डेली इस्तेमाल में होने वाले प्रोडक्ट की बात करें तो कोलगेट हो गया और मैगी हो गया और इसी तरह कई सारी चीजे हैं जिन्हें हमने पहले से एडवर्टाइजमेंट में देखा था फिर बाद में दुकान जाकर उनके प्रोडक्ट को खरीदत हैं और इस्तेमाल करते है. 

दोस्तों यहां पर कहने का सीधा सा मतलब यह है कि अगर आप अपने बिजनेस में अच्छा सेल्स चाहते हैं, बिजनेस की तरक्की चाहते हैं तो इसके लिए आपको भी अपनी बिजनेस की मार्केटिंग करना होगा.  

बात करें बिजनेस की मार्केटिंग आप कैसे कर सकते हैं तो इसके लिए आजकल बहुत सारे माध्यम उपलब्ध है ऑनलाइन मार्केटिंग से लेकर ऑफलाइन मार्केटिंग तक में आप किसी भी ऑप्शन को चुन सकते हैं और अपने बिजनेस की मार्केटिंग कर सकते हैं. 

ऑनलाइन तरीके से बिजनेस की मार्केटिंग की बात करें तो इसमें आप फेसबुक ऐड, गूगल ऐड, युटुब मार्केटिंग और इसी तरह के अन्य मार्केटिंग कर सकते हैं. ऑफलाइन मार्केटिंग में आप अपने लोकल एरिया में पोस्टर ,बैनर आदि लगाकर बिजनेस की मार्केटिंग कर सकते हैं. इसके अलावा न्यूज़ पेपर पर विज्ञापन छपवाना और टैक्सी आदि पर पोस्टर लगवाना भी मार्केटिंग के अच्छे तरीके होते हैं. 

रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने से पहले ध्यान देने योग्य बातें –

  • रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने से पहले एक प्लान तैयार करें. बिना प्लान बनाए आप बिजनेस में आगे नहीं बढ़ पाएंगे.
  • ज्यादा से ज्यादा लोगो के साथ मिलना-जुलना करें और अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट बढ़ाए. आगे चलकर इन्ही लोगो में से आपको क्लाइंट मिलेगा.
  • बिजनेस के दौरान आपको किसी भी तरह का अड़चन न आए इसलिए बिजनेस रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी जरूरी कागजी कार्यवाही पूरा कर लें. 
  • क्लाइंट के बजट को ध्यान में रखकर ही प्रॉपर्टी दिखाए. 
  • अपने क्लाइंट को प्रॉपर्टी के बारे में सही जानकारी दें . उनसे कोई भी बात न छिपाए. इस बिजनेस में लोगो का भरोसा जीतना बहुत जरूरी है.  
  • अपना कमीशन ज्यादा रखने के बारे में न सोचें. ग्राहक को कभी भी न लगे कि आप उसे लूट रहे हैं. नहीं तो मार्केट में आपका नाम खराब होगी. 

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