ब्याज पर पैसा देने के नियम क्या है ब्याज का धंधा करने के लिए

अक्सर हमारे लाइफ मे ऐसे सिचुएशन आते हैं जब कोई हम से उधार में पैसे माँगता है तो हमे देना पड़ता है। 

ऐसे हम सोचने लगते हैं कि पैसे उधार देने से पहले इसके बारे में कुछ जानकारी लेनी चाहिए। 

क्या पता आगे चलकर मेरे पैसे वापस नहीं मिलें तो मैं तो हाँथ ही मलते रह जाऊंगा। 

इसीलिए आज के इस पोस्ट में मैं आपको बताऊंगा कि क्या ब्याज पर पैसा देना सही है या गलत? अगर सही है तो ब्याज पर पैसे देने के क्या नियम हैं? और ब्याज का धंधा कैसे करे?

और भी ऐसे बहुत सारे सवालों के जवाब आपको मिलने मिलने वाले हैं 

तो चलिए शुरू करते हैं और जानते है कि और सबसे पहले जानते हैं कि-

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ब्याज पर पैसे देना सही है या गलत? 

अगर आप कुछ समय के लिए अपने दोस्त या किसी रिश्तेदार को पैसे देना चाहते हैं लेकिन आप इस कन्फ़्युजन मे हैं कि ब्याज पर पैसे देना चाहिए या नहीं। 

कहीं ये गलत काम तो नहीं है?

तो इसका जवाब हाँ भी है और भी। 

क्योकि अगर आप अपने किसी करीबी दोस्त की मदद करने के लिए ब्याज पर पैसे दे रहे हैं तो यह मदद नहीं बल्कि एक बिजनेस होगा। अगर आप मदद करने के मूड मे हैं तो पैसे देने के बदले ब्याज न लें। 

लेकिन अगर आप ब्याज पर पैसे देने का धंधा करना चाहते हैं और Money Lending License बनवाकर इस काम को शुरू करते हैं तो आप ब्याज पर पैसे दे सकते क्योकि कानूनी द्रष्टि से यह बिलकुल भी गलत नहीं। 

क्या ब्याज पर पैसे देना गैर कानूनी है? 

अभी तक कोई ऐसा कानून नहीं बना है , जो कहता जो कि ब्याज पर पैसे देना गैर-कानूनी है। 

अगर आप सही नियम से ब्याज पर पैसे देते हैं तो ब्याज पर पैसे देना गैर कानूनी नहीं है।  क्योकि बैंक भी ब्याज पर पैसे देती है। 

ब्याज पर पैसे देनें के नियम-कानून क्या है?

भारतीय संविधान के 7 वीं अनुसूची की लिस्ट 2 के एंट्री 30 के अनुसार, 

“राज्य विधानमंडल के पास रुपए-पैसे उधार देने से संबंधित गतिविधियों पर कानून बनाने का पॉवर है।”  

तो इससे एक बात साफ-साफ पता चलता है कि उधार देने के नियम सभी राज्यों में एक-सा नहीं हो सकते है।  

For Example-  अगर महाराष्ट्र राज्य के ब्याज पर पैसे देनें के नियम की बात की जाए तो यहां के राज्य विधानमंडल ने साल 2014 में अपना मनी लेंडिंग एक्ट 2014 जारी किया था। 

हालांकि इस एक्ट में जो उन्होंने कहा था वो काफी कुछ बाकी स्टेट के ब्याज पर पैसे देनें के नियम से भी मेल खाते है।  जो इस तरह से है- 

  • कोई भी साहूकार उस एरिया के अलावा किसी और Area मे,उधार देने का व्यवसाय नहीं कर सकता है जिसके लिए उसे Money Lending लाइसेंस दिया गया है, 
  • ब्याज पर पैसे देने से पहले एक लिखित Agreement बनवा ले। इस Agreement मे आपका और उधार लेने वाले का साइन होना चाहिए साथ ही किस ब्याज पर कितना रूपए , कितने समय के लिए दिया जा रहा है। ये बातें पूरी तरह से क्लियर होना चाहिए है ताकि बाद में कोई प्रॉब्लम न हो
  • आप किसी को नशे के हालात में ब्याज पर पैसे नहीं दे सकते हैं। नहीं तो भले ही आपने अग्रीमेंट बनवा लिया हो कोर्ट पैसे वापस कराने में आपका कुछ भी हेल्प नहीं कर सकता है। 

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ब्याज पर पैसे कैसे दे-

किसी को भी ब्याज पर पैसे देने से पहले आप ये कदम उठा सकते हैं- 

जो बंदा आपसे पैसे उधार ले रहा है तो सिक्योरिटी के तौर पर आप उससे एक साइन किया हुआ चेक ले सकते हैं। 

इसके अलावा आप उस बंदे से कोई प्रोमिस लैटर यानी शपथ पत्र भी ले सकते है।  ताकि जब वो आपका पैसा नहीं लौटाए तो आप उस पर कोई लीगल एक्शन ले सके। 

वैसे जब हम अपने किसी नजदीकी रिश्तेदार को पैसे उधार देते हैं तो कम हुई चान्सेस होते हैं कि पैसे वापस हो जाए। 

क्योकि इस तरह से दिए जाने वाले पैसे सिक्योर्ड नहीं होते हैं , इन्हें अनसिक्योर्ड लोन कहा जाता है। 

और जब हम अपने किसी रिश्तेदार को उधार में पैसे देते हैं ,डर बना रहता है कि अगर वो मेरे पैसे वापस नहीं किए तो क्या होगा? 

ऐसे में फिर रिश्तो में खट्टास आने लगती है। इस तरह से दिए जाने वाले लोन पर ब्याज नहीं  लिया जा सकता है क्योकि वे अपने होते हैं 

तो जब आप अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार को पैसे दे रहे हो तो इस बात खास ध्यान रखिए कि आप कैश में पैसे न ही दे , केवल बैंक एकाउंट में ही पैसे ट्रांसफर करें। 

क्योकि इससे आपके बैंक एकाउंट के लेन -देन में इस बात हिसाब रहेगा कि आपने कब , कितना अमाउंट ,किसे खाते में भेजा था। 

और अगर उधार लेने वाला बंदा अगर आपका पैसा नहीं चुका रहा है तो इस डीटेल के आधार पर आप केस भी कर सकते हैं।

ब्याज का धंधा कैसे करें?

आप दो तरह से ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस कर सकते हैं- 

  • एक तो अपने लोकल एरिया का साहूकार बनकर 
  • और दूसरा Online P2P Platform के साथ मिलकर

दोनो ही तरीकों के बारे मे एक-एक करके Detail मे बताया जा रहा है-

लोकल एरिया का साहूकार बनकर

साहूकार किसे कहते हैं?

हमारे India में बैंकों की कमी नहीं है लेकिन इंडिया में अभी भी कुछ ऐसे विलेज एरिया हैं 

जहां बैंकिंग की सुविधा नहीं पहुंच पाई है या फिर लोग बैंक से लोन लेने को लेकर जागरूक नहीं है। 

तो इन लोगो को लोन देने के लिए गावों या शहरो जो लोन देता है उसे साहूकार यानी Lender कहते हैं। 

बहुत सारे ऐसे साहूकार थे जो ब्याज पर पैसे देनें का बिजनेस कर रहे थे और मनमाने ढंग से लोगों  से ब्याज पर पैसे ले रहे थे , इसलिए सरकार ने  इस लूट पर रोक लगाने के लिए ही ब्याज पर पैसे देने का नियम बनाया था। 

इन कानून में कहा गया था कि जो लोग ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस करना चाहते हैं उन्हें लाइसेंस बनवाना पड़ेगा। 

ऐसे मे अगर आप ब्याज पर पैसे देने का धंधा करना चाहते हैं तो इसके लिए लिए आपको Money Lending License लेना होगा। क्योकि बगैर इसके आपका यह बिजनेस कानूनी के नजर में Illegal माना जाएगा। 

 इसलिए अब आगे आपको बताने वाले हैं कि- 

Money Lending License कैसे ले?

मनी लेंडिंग License की बात करे तो यह Revenue Department यानी कि राजस्व विभागों द्वारा जारी किया जाता है। 

इस लाइसेंस के लिए आवेदन करने के 3-4 महीने में आपका यह लाइसेंस बन जाएगा। 

जब आपको यह लाइसेंस मिल जाएगा तो आप इसे 1 साल के लिए काम में ले सकते हैं फिर इसके बाद आपको इसे Renew करना होगा। 

हालांकि इस लाइसेंस को बनवाने या  रिन्यू कराने के लिए भी कुछ नियम बनाए गए है। 

क्या वह व्यक्ति इस बिजनेस को कर सकता है? 

जिस एरिया में आवेदनकर्ता यह बिजनेस करना चाहता है क्या वह एरिया इस बिजनेस के लिए सही है या नहीं। 

उस व्यक्ति को यह लाइसेंस देना आम जनता के हितों के खिलाफ तो नहीं है। 

अगर ये सभी बाते आपके पक्ष में है तो चलिए अब जानते है कि 

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Money Lending लाइसेंस लेने के लिए किन- किन डाक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी- 

Money Lending लाइसेंस लेने के लिए आपको इन डाक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ेगी 

Money Lending License के लिए Apply कैसे करें? 

मनी लेंडिंग लाइसेंस बनवाने के लिए इन स्टेप को फोल्व कीजिए- 

Step 1: अपने यहां के तहसीलदर के आफिस में जाइए।  

ब्याज पर पैसे के लिए आपको सबसे पहले अपने यहां के तहसीलदार आफिस में जाना होगा।  

Step 2: एप्लीकेशन फॉर्म लीजिए। 

तहसीलदार के आफिस पहुंचने के बाद अब आपको तहसीलदार से एक एप्लीकेशन फॉर्म लेना है। इस फॉर्म के लिए आपको 100 रुपए की फीस देनी होगी।  

Step 3: एप्लीकेशन फॉर्म को भरिए। 

इस एप्लीकेशन फॉर्म में मांगी गई सभी इम्पोर्टेन्ट जानकारी को भरिए।  

Step 4: एप्लीकेशन फॉर्म को सबमिट कीजिए।  

जब आप एप्लीकेशन फॉर्म को भर ले तो इसे एक बार अच्छे से चेक करके तहसीलदार के आफिस में जमा कर दीजिए।

ये तो रही बात साहूकार बनकर ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस कैसे करे? 

अब बात करते हैं P2P Platform के बारे में। 

Online P2P Platform के साथ मिलकर

P2P Platform क्या है? 

P2P Platform को पीयर टू पीयर लेंडर भी कहते हैं।  ये ऐसे प्लेट फॉर्म होते हैं जहां उधार देने वाला  और उधार लेने वाला दोनों ही मौजूद होता है। 

अगर आप ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस ,ऑनलाइन तरीके से करना चाहते हैं तो ये प्लेट फॉर्म आपके लिए बेस्ट है।  आप इन प्लेटफार्म पर ट्रस्ट कर सकते हैं क्योकि इन प्लेटफार्म ने  RBI से लाइसेंस लिया होता है। 

मैं आपको कुछ बेस्ट पीयर टू पीयर लेंडर इंडियन प्लेटफार्म के नाम बताता हूं-

अगर आप इन प्लेटफार्म से ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस ऑनलाइन तरीके से करना चाहते हैं तो खुद को इनके प्लेटफार्म से Registred करना होगा।  Registration कैसे करना है की जानकारी आपको इनके वेबसाइट में दी गई है। 

P2P Platform से उधार देने के नियम-  

  • सभी P2P Platform को मिलाकर किसी भी लेंडर का Borrower (उधार लेने वाले) से ,10 लाख रुपए से ज्यादा का उधार नहीं होना चाहिए। 
  • एक ही P2P Platform पर किसी  Borrower (उधार लेने वाले) को 50,000 रुपए से ज्यादा का उधार नहीं दे सकते हैं। 
  • उधार का समय सीमा 36 महीने यानि 3 साल से ज्यादा नहीं रख सकते हैं।   

FAQ- अक्सर लोग इस तरह के Questions पूंछा करते हैं- 

क्या हम बिना लाइसेंस लिए ही ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस कर सकते हैं?

Ans. जी नहीं , आप बिना लाइसेंस लिए ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस नहीं कर सकते हैं।

मुझे ब्याज पर पैसे कौन दे सकता है? 

Ans. ब्याज पर पैसे उधार लेने के लिए आप अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार से बात कर सकते हैं , नहीं तो आप Bank मे लोन के लिए Apply कर सकते हैं। इसके अलावा अगर आपके एरिया मे कोई साहूकार है जो ब्याज पर पैसे देता है तो आप उनसे भी बात कर सकते हैं। और आप चाहें  तो Lendingkart जैसे किसी Online Platform से भी ब्याज पर पैसे लेने के लिए Apply कर सकते हैं।  

ब्याज पर पैसा देने से क्या होता है?

Ans. ब्याज पर पैसे देने से लाभ और नुकसान दोनों होता है क्योकि अगर व्यक्ति टाइम से पैसे दे दिए तो आप इस बिज़नेस से पैसे से पैसे कमा सकते हैं।
लेकिन अगर पैसे लेने वाला व्यक्ति को अपना ही रिश्तेदार हो तो चांसेस कम ही होते हैं कि पैसे मिल जाए।

क्या ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस मुनाफे वाला बिजनेस है? 

Ans. जिस बैंक में आपने पैसा रखा है क्या आपने सोचा है कि वो पैसे कैसे कमाते होंगे? 
अगर नहीं , तो आपको बता दें कि वो आपके जैसे एकाउंट होल्डर के पैसों को ब्याज पर लोन देकर ही पैसे कमाते है।
यानी कि ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस मोस्ट प्रॉफिटेबल बिजनेस में से एक है।

कितने परसेंट पर ब्याज पर पर पैसे दिए जा सकते हैं? 

Ans. ब्याज पर पैसा देने के लिए कितना पर्सेंट ब्याज दर होना चाहिए। यह आप दोनों के ऊपर डिपेंड करता है यानी कि उधार लेने वाला और उधार देने वाला समझौता करते हैं कि कितने ब्याज दर पर दोनों खुश रहेंगे। आप इसे 12% के आस-पास रख सकते हैं।  

ब्याज दर निकालने का सूत्र क्या है?

अगर आप किसी राशि पर साधारण ब्याज के लिए ब्याज दर पता करना चाहते हैं तो इसका सूत्र कुछ इस तरह से है –
ब्याज दर = (साधार ब्याज × 100)/(मूलधन × समय)
लेकिन अगर आप किसी राशि पर चक्रवृद्धि ब्याज के लिए ब्याज दर पता करना चाहते हैं तो इसके लिए इस फॉर्मूला का इस्तेमाल करे-
चक्रवृद्धि ब्याज दर = मुलधन (1+ब्याज) समय _ मूलधन

साहूकारी लाइसेंस के पंजीकरण के लिए आवेदन कैसे करें?

इसके लिए आप अपने जान-पहचान के किसी वकील से बात करके अपने जिला के तहसीली में साहूकारी लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

सूदखोरी किस अपराध की श्रेणी में आता है?

सूदखोरी का अपराध धारा 384 के अंतर्गत आता है जिसमें कहा गया है कि अगर कोई भी सूदखोर किसी व्यक्ति को मॄत्यु या गंभीर आघात के भय से डरा धमकाकर ज़बरदस्ती वसूली करता है तो उसे 3 साल का जेल या आर्थिक दण्ड या दोनो हो सकता है।

ब्याज से पैसे कैसे कमाए?

ब्याज से पैसे कमाना बहुत ही आसान है एक बार किसी को ब्याज पर पैसे देना है फिर जब आपको ब्याज सहित पैसे मिल जाए तो फिर उसी मूलधन को आप किसी और देकर फिर से पैसे कमा सकते हैं. ब्याज के रुप में आपको जो पैसे मिल रहे हैं उनमे से कुछ पैसे अपने खर्चे के लिए बचाकर बाकी पैसे भी ब्याज पर देकर आप और ज्यादा पैसे कमा सकते हैं।

ब्याज का लाइसेंस (मनी लेंडिंग लाइसेंस) कैसे बनता है?

मनी लेंडिंग लाइसेंस बनवाने के लिए आपको तहसीली में “फॉर्म ए” का एप्लीकेशन फॉर्म भरकर जमा करना होगा.

क्या मैं बिना लाइसेंस के पैसे उधार दे सकता हूं?

अगर आप धंधा के रूप में पैसे उधार दे रहे हैं तो आप बिना लाइसेंस के पैसे उधार नहीं दे सकते हैं।
लेकिन अगर आप अपने किसी दोस्त या रिश्तेदार का हेल्प करने के लिए पैसे उधार पर दे रहे हैं तो इसके लिए किसी लाइसेंस की जरूरत नहीं है लेकिन आप अग्रीमेंट जरूर करवा ले।

क्या बिना लाइसेंस के पैसा उधार देना गैरकानूनी है?

जी हां, बिना लाइसेंस के पैसे उधार देने का बिजनेस गैरकानूनी माना जाता है।

तो दोस्त इस Post को पढ़ने के बाद आप यह तो समझ ही चुके हैं कि ब्याज पर पैसे देने के नियम क्या है। 

आपके लिए मै उस नियम को एक बार रिपीट कर रहा हूँ। जो कुछ इस तरह से है- 

  • पैसे देते समय वह बंदा/बंदी किसी भी तरह के नशे के हालत मे नहीं होना चाहिए। 
  • पैसे देने के समय आपको एक Agreement Sign करना लेना है। 
  • अगर आप ब्याज पर पैसे देने का बिजनेस करते हैं तो आपके पास Money Lending license होना चाहिए। 

I Hope कि अब आपको सब कुछ याद आ गया होगा। 

तो अब मुझे दीजिए इजाजत मिलेगे दूसरे पोस्ट मे , नई जानकारी के साथ। 

तब तक के लिए धन्यवाद।

2 thoughts on “ब्याज पर पैसा देने के नियम क्या है ब्याज का धंधा करने के लिए”

  1. Agar kise ko money diye hua 5/ 6 sal ho gye ho or vo ab cheek de kar Jaye to us cheek ko bank me baunce hone pe me 138 me case dal sakta hu kya ye to nhi hoga ki money to 5/6 sal pahle de thi to ab case nhi chal sakta koe time period hota hai kya

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    • Ji haan, agar aap kisi ko 5 saal pehle paise diye the aur unhone aapko ek cheque diya tha, lekin ab wo cheque bounce ho gaya hai, to aap us vyakti ke khilaaf case kar sakte hain. Waqt ki seema nahi hoti hai jab baat kanooni prakriya ki ho. Lekin, aapko apne case ki jaankari ke liye ek vakil se sampark karna chahiye.

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