बकरी पालन कैसे करें | जानिये बकरी पालन के लिए शेड बनाने का तरीका

आज बकरी पालन न सिर्फ दूध को बेचने के लिए किया जाता है बल्कि Market में कभी खत्म न होने वाले मीट के डिमांड को पूरा करने के लिए भी किया जाता है. 

बकरी पालन का बिजनेस इंडिया में एक ऐसा बिजनेस है जिसे कोई भी व्यक्ति अपने आर्थिक स्थिति के अनुसार छोटे या बड़े लेवल में फार्म बनाकर बहुत ही कम इन्वेस्टमेंट के साथ शुरू कर सकता है. 

अगर आप बकरी पालन का बिजनेस शुरू करने की सोच रहे हैं तो आपको गोट फार्म की जानकारी तो होनी ही चाहिए कि किस नस्ल के बकरी से यह बिजनेस शुरू करें जिससे ज्यादा फायदा हो. इस बिजनेस को कैसे शुरू करना चाहिए ताकि बाद में किसी गलती की वजह से पछताना न पड़े. 

स्टेप बाई स्टेप हम आपको इस बिजनेस के हर एक पहलू से रूबरू करवाएंगे , बस पूरी जानकारी के लिए आपको आर्टिकल के साथ लास्ट तक बने रहना. 

Table of Contents

Bakri Palan Business के बारे में कुछ रोचक जानकारी 

  • बकरी पालन आज एक बहुत ही सफल बिजनेस बन गया है जिससे लोग हजारो लाखो कमा रहे हैं.  
  • बकरी को उसके दूध और मीट के लिए जाना जाता है , लेकिन बकरी पालन का हमारे इंडिया के इकॉनमी में भी काफी योगदान है. 
  • हमारे यहां बकरी को गरीब की गाय भी कहते है क्योकि बकरी ही उनका इनकम सोर्स होता है और इससे उनकी रोजी-रोटी चलती है. 
  • Goat Farming Business आमतौर पर उन इलाको में किया जाता है जहां की जमीन में नमी नहीं होता है. 
  • Bakri Palan का बिजनेस अक्सर वे लोग करते हैं जिनके पास खेती-किसानी के लिए बहुत ज्यादा जगह-जमीन नहीं होता है.
  • मार्केट में मीट के बढ़ते डिमांड के चलते छोटे-छोटे किसान भी अब बकरी पालन की तरफ ध्यान दे रहें हैं. 
  • दूध देने के मामले में जमुनापुरी बकरी को अच्छा माना जाता है. ये बकरी भारतीय नस्ल की है जो एक दिन 3.5 KG तक दूध देती है. इस नस्ल की बकरियाँ आकर में बाकी बकरियों से बड़ी होती है. 
  • बकरी पालन का बिजनेस शुरू करना बहुत ही फायदेमंद है. क्योकि इस बिजनेस में आप बकरियों के दूध को बेचकर तो पैसा कमाते ही है साथ में उनके पैदा किए हुए बच्चे का पालन-पोषण कर इन्हें बेचके और भी ज्यादा पैसे कमा सकते है. 
  • किसी भी अन्य पशुओं को पालने की तुलना में Bakri Palan Ka Tarika में बहुत कम देखभाल करने की जरूरत होती है. 
  • बकरी पालन का बिजनेस भेड़ पालन से 10 गुना अधिक फायदेमंद है . क्योकि भेड़ मीट के बजाय मार्केट में बकरी के मीट की डिमांड ज्यादा है और भेड़ के तुलना में Goat Farming Business की मार्केटिंग करना भी आसान होता है. 

Goat Farming Business Plan in Hindi

अब हम आपको Bakri Palan Business Ki Jankari देंने वाले हैं कि कैसे आपको बकरी पालन का बिजनेस शुरू करना चाहिए जिससे आपका बिजनेस बढ़िया चले और आपको अच्छा प्रॉफिट हो. 

1. सही नस्ल की बकरी का करें चयन 

बकरी पालन करने हेतु आपके लिए सही नस्ल कौन-सा होगा यह आपके जरूरतो पर निर्भर करता है. कि आप क्यो बकरी पालन का बिजनेस करना चाहते हैं. 

बाजार में आमतौर पर दो तरह के बकरी मिलते हैं एक वो जो दूध ज्यादा देते हैं और दूसरे वो जो जल्दी से बड़े हो जाते हैं. 

आप चाहे तो दोनों तरह के ही नस्ल की बकरी लेकर इस बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं. फिर आप मीट और दूध दोनों का ही हार्वेस्टिंग कर सकेंगे. 

लेकिन आपके जानकरी के लिए बता दें कि अलग-अलग नस्ल के बकरियों के लिए अलग तरह के देखभाल की जरूरत होती है. 

वैसे आप बकरी पालन का बिजनेस क्यों करना चाहते हैं?   इसके सभी के अपने-अपने वजह हो सकते हैं. शायद आप भी इनमे से किसी एक वजह से बकरी पालन का बिजनेस करना चाहते हो – 

  • बकरी से दूध का बिजनेस करने के लिए   
  • मीट का बिजनेस करने के लिए 
  • बकरी के बाल का बिजनेस करने के लिए  
  • या बकरी के मेमने का बिजनेस करने के लिए

सबसे अच्छी नस्ल की बकरी कौन सी होती है

ये हैं बकरी पालन के लिए सबसे अच्छे नस्ल 

बकरी पालन कैसे करें के लिए आगे हम आपको बकरी पालन के लिए बेस्ट नस्ल के नाम बता रहे हैं जिनसे अच्छा दूध और मीट मिलता है- 

जमुनापुरी गॉट – 

बकरी पालन बिजनेस के लिए जमुनापुरी को सबसे अच्छा माना जाता है और यह सबसे पॉपुलर बकरी की नस्ल है.

यह बकरी आमतौर पर उत्तरप्रदेश में पाई जाती है. ये बकरी दिखने में सुंदर होती है. इन्हें मुख्य रूप से दूध के लिए पाला जाता है. 

सुरती गॉट- 

इस नस्ल की बकरी भी दूध देने के लिए जानी-जाती है. इस नस्ल की बकरी आकर में छोटी होते है . ये आमतौर पर गुजरात के सूरत के आसपास पाई जाती है. 

सुरती नस्ल की मादा बकरी नर बकरे के तुलना में ज्यादा बड़े होते हैं.  इस नस्ल के बकरियों का कलर आमतौर पर सफेद होता है. इन बकरियों को आराम से पाला जा सकता है. और खुले में भी चराया जा सकता है. 

बोर गॉट – 

यह बकरी मूलरूप से अफ्रीकन नस्ल की है औरयह बकरी मीट के लिए पूरी दुनिया भर में पॉपुलर है. इन बकरियों म चयनात्मक प्रजनन होने के कारण इनका बहुत अच्छा विकास होता है. 

बरबरी गॉट – 

इस नस्ल की बकरी को दूध और मीट दोनों के लिए पाला जाता है.  

मालाबारी गॉट – 

इस नस्ल की बकरी को दूसरी कई नस्ल की बकरी से तैयार किया गया है.  यह बकरी जल्दी ही प्रजनन के लिए परिपक्व हो जाती है और 8-10 महीने में गर्भधारण कर लेती है.  

सिरोही गॉट- 

ये बकरी गर्मी को आसानी से झेल लेती हैं और मुख्य तौर पर राजस्थान के कुछ इलाको में पाई जाती है. 

इस नस्ल के बकरी का पालन उत्तरप्रदेश में मीट प्रोडक्शन के लिए किया जाता है. 

यह बकरी साल में दो बार बच्चे जन्म देती है इनमे से आमतौर पर 40% सिंगल और 60% जोड़े में पैदा होते हैं.

बीटल गॉट – 

इस नस्ल के बकरी को लाहौरी बकरी के नाम से भी जाना जाता है.  इस बकरी के शरीर का साइज बड़ा होता है और इसके कान भी लंबे-लंबे होते हैं. 

इस नस्ल के बकरी का पालन बड़े लेवल पर Goat Farming के लिए किया जाता है. 

ओस्मानाबादी गॉट 

ओस्मानाबादी बकरी आमतौर पर महाराष्ट्र में पाया जाता है. साथ में आंध्रप्रदेश से लगे इलाको में भी पाया जाता है.  इस नस्ल के बकरी का पालन दूध उत्पादन के लिए किया जाता है. 

जखराना गॉट – 

इस नस्ल की बकरी राजस्थान में पाई जाती है.  यह बकरी दूध और मीट दोनों के मामले में अच्छी होती है. 

2. Goat Farming के लिए चुने सही जगह 

बकरी पालन के लिए सही जगह का होना जरूरी है क्योकि इससे उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है. 

अगर आप बकरियों को खुले में चराना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास एक बड़ा चारागाह भी होना चाहिए. 

खुले में चराने से बकरियो का उन रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे उन्हें आसानी से कोई रोग नहीं होता .  

अगर Goat Farming के लिए सही लोकेशन की बात करे तो वह ग्रामीण इलाका है. 

क्योकि शहर के आस-पास बहुत शोर-शराबा होता है और ये चीज बकरियों के स्वास्थ्य के लिहाज से बिल्कुल भी सही नहीं है. 

इसके साथ बकरी हरा चारा खाने के लिए जानी जाती है इसलिए Goat Farming के लिए जो लोकेशन चुने वहां से चारागाह बहुत दूर नहीं होना चाहिए. 

और हां , आप जिस जगह पर बकरी पालन शुरू करने वाले हैं वहां के लोकल ऑथरिटी से सभी इम्पोर्टेन्ट लाइसेस जरूर बनवा ले.

बकरी पालन के लिए लोकेशन का चुनाव करते हैं समय आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए – 

  • जमीन साफ-सुथरी और नमी रहित होना चाहिए. 
  • अगर जमीन में नमी बना रहता है या तो प्लेटफॉर्म को थोड़ा ऊपर बनाए. 
  • आसपास का वातावरण शांत और खुला-खुला हो. 
  • बकरी के लिए ताजा और साफ पानी का व्यवस्था हो. 
  • चारा आसानी से उपलब्ध हो सके . 
  • छोटे-मोटे काम कराने के लिए लेबर उपलब्ध हो. 
  • आपके फार्म के उचित दूरी पर बाजार हो ताकि आप आसानी से बकरियों को बेचकर पैसे कमा सके.  और जरूरत पड़ने पर आवश्यक चीजें खरीदकर ला सके. 

3. बकरियों के लिए शेड बनाने का तरीका

अगर आप अपने Goat Farming Business के लिए सही नस्ल और लोकेशन चुनने के बाद बकरियों के शेड या हाउसिंग बढ़िया से बना लेते हैं तो आप इस बिजनेस 100% प्रॉफिट कमा सकते हैं. 

और वैसे भी बकरी पालन का बिजनेस शुरू करने से पहले बकरियों के रहने का बंदोंबस्त करना बहुत जरूरी होता है. 

क्योकि इन्हें स्वस्थ्य रखने के लिए सर्दी , गर्मी और ठंडी से बचाना पड़ता है. 

इसके अलावा बकरियों को साँप , बिच्छुओ से डर रहता है. 

इसलिए बकरी पालन बिजनेस शुरू करने से पहले इन्हें रखने के लिए शेड बनाया जाना चाहिए. 

वैसे Goat Farming Busiensss के लिए आपको कितने बड़े शेड बनाने की जरूरत होगी यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप कितने बकरियों का पालन करने वाले हैं. 

अगर आप यह तय कर लेते हैं कि आप कितने बकरियों के साथ इस बिजनेस की शुरुआत करना चाहते हैं तो आपको शेड का Size (लंबाई और चौड़ाई ) फिक्स करने में आसानी होगी. 

शेड बनाने के लिए अक्सर नए बकरी पालक कुछ गलती करते हैं तो कौन-सी हैं वो गलती तो आगे आपको उसके बारे में भी जानकारी देंगे ताकि आप उन गलतियों को न दोहराए और होने वाले नुकसान से बच जाए. 

तो आइए अब बकरी पालन हेतु शेड बनाने के लिए कुछ टिप्स जान लेते हैं-

बकरियों के शेड बनाने के लिए टिप्स- 

अगर आप सोच रहे हैं कि goat farm kaise banaye तो अपने बकरियों के लिए शेड बनाते समय इन बातों का ध्यान रखिएगा- 

  • बकरियों के शेड बनाने के लिए कोई ऐसा जगह ही चुने जो बाढ़ प्रभावित न हो , जंगली जानवर का आना जाना न हो. और वह जगह थोड़ी ऊंचाई पर हो ,साथ ही उस जगह पर नमी नहीं होना चाहिए. 
  • शेड में बकरियों को अच्छी हवा में मिले इसके लिए पूर्व-पश्चिम दिशा मे ही शेड बनाए. 
  • बकरियों के शेड की समय-समय पर साफ-सफाई करते रहे. 
  • बकरियों के लिए आप जो शेड बना रहे हैं वह हवादार होना चाहिए. 
  • शेड में अलग-अलग उम्र के बकरियों को अलग-अलग रखे. 
  • और जो बकरी बीमार समझ में आए तो उसे बाकी से अलग कर दे. 
  • शेड में बकरियों के लिए Feeding Area अलग से होना चाहिए. 
  • अपने बकरियो को हमेशा साफ-सुथरा दाना-पानी ही दे. 
  • भूसा वाला चारा और हरा चारा देने के लिए अलग-अलग  फीडर  बनाए. 
  • बकरियो के शेड में इनके खाने-पीने की चीजोँ को रखने के लिए अलग से कोई रूम बनाइए. ताकि इनका भोजन (चारा) को सेफ रखा जा सके. 
  • आप अपने शेड की लंबाई कितनी भी रख सकते हैं लेकिन शेड की चौड़ाई आपको 24 से 30 फ़ीट के आसपास ही रखनी चाहिए. 
  • अपने शेड में आप बकरियो के लिए गेट को लोहे या फिर लकड़ी का बनवा सकते है. इस गेट का साइज आप 1 मीटर  X 1 मीटर  का रख सकते हैं. 

बकरियो के शेड के प्रकार- 

अपनी-अपनी जरूरत के हिसाब से लोग अलग-अलग टाइप के शेड बनाते हैं. आइए आपको गोट फार्म की जानकारी के अंतर्गत कुछ प्रकार के बारे में बताते है- 

ओवर ग्राउंड – 

आमतौर पर इस तरह के शेड जमीन पर बनाए जाते हैं और हमारे यहां ज्यादातर तक बकरी पालन कर रहे किसान इसी तरह का शेड बनाते हैं. इन शेड के छत ईट ,सीमेंट , या खपरैल के बने होते हैं. अगर इस पर कुछ सूखे घास वैगरह बिछा दी जाए तो ज्यादा रहता है. 

ओवर पोल- 

ये शेड किसी मजबूत खंबे के ऊपर बनाए जाते हैं. यह लकड़ी या लोहे का भी हो सकता है. 

इन खंभो की ऊंचाई जमीन से 1.5 – 2 मीटर होती है. 

इस तरह के शेड बनाने का फायदा यह होता है कि बाढ़ प्रभावित इलाको में बकरियो को नमी से सुरक्षित रखा जा सकता है. 

और इन शेड में जंगली कुते या साँप के आने के चांसेस भी कम होते हैं. 

कंक्रीट से बनने वाला शेड-

इस शेड को बनाने के लिए कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाता है. ऊपर बताए गए दो टाइप के शेड में से यह सबसे बढ़िया होता है क्योकि इसका साफ-सफाई और देखभाल करना आसान होता है. 

लेकिन इस तरह का शेड बनवाने में दोनों के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते है. 

बकरियो के उम्र के हिसाब से जरूरत पड़ने वाला जगह- 

बकरी की उम्र शेड में आवश्यक जगह (मीटर में)शेड के बाहर आवश्यक जगह (मीटर में) 
0 – 3 महीने 0.3-.041-1.5
3-6 महीने0.6-0.91.5-2
6-12 महीने1-1.52-2.5
वयस्क बकरियां 4
गर्भवती या स्तनपान कराने वाली बकरियां 2.5-34-5

शेड बनाने समय लोग करते हैं ये गलतियां 

सबसे बड़ी गलती जो बकरी पालन करने वाले किसान करते हैं कि वो अपना ज्यादातर पैसा बकरी पालन के लिए शेड बनाने में खर्च कर देते हैं जबकि ये पैसे बकरियों के लिए दाना-पानी खरीदने में खर्च करने चाहिए. 

या फिर उन पैसे से और बकरी खरीद लेनी चाहिए. क्योकि अगर आप शेड बनाने में पूरा पैसे खर्च कर देगे तो इससे आपको बहुत ज्यादा प्रॉफिट नहीं मिलेगा. 

बस आपको बकरियों के लिए सस्ते दाम में छाया बनाने का बंदोबस्त करने की जरूरत है. 

सस्ते दाम में शेड बनाने के लिए आप अपने आस-पास मिलने वाली चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं. 

जैसे कि अगर आपको बांस मिल जाता है तो आप बकरियों के रहने के लिए शेड बनाने हेतु बांस का इस्तेमाल कर सकते हैं. 

या फिर बकरियों के शेड बनाने के लिए छत बनाने में आप सीमेंट के सीट का इस्तेमाल कर सकते हैं. क्योकि ये गर्मियों में ज्यादा गर्म नहीं होती है और सर्दियों में ठंड नहीं होती. इसके साथ बारिश का पानी पड़ने से ये आवाज भी नहीं करती है. 

आपको बकरियो का शेड इस तरह से बनाना है जिससे बकरियों को सर्दी में ठंड से बचाया जा सके और गर्मियों में हवादार हों. 

बकरी फार्म कैसे बनाये

आप अपने बकरी पालन शेड का इंफ्रास्ट्रक्चर इस तरह से बना सकते हैं- 

  • ग्राउंड लेवल की ऊँचाई- 1.5-2 फ़ुट (ताकि बरसात
    का पानी अंदर न आ सके)   
  • शेड के सामने तरफ की ऊँचाई – 11 फ़ीट के आसपास और पीछे की ऊँचाई – 9 या 10 फ़ीट रख सकते हैं. ताकि बरसात का पानी आराम से निकल सके. 
  • अंदर का covered एरिया – 14 से 18 फ़ीट के आसपास 
  • Range Area या एनिमल का फीडिंग Area  की लंबाई – 40 फ़ीट के आसपास

4. बकरियों के खाने-पीने की ले जानकारी 

बकरियां अपने खान-पान को लेकर सतर्क होती है. और दूसरे जानवरो की तुलना में ज्यादा कड़वाहट सहन कर सकती हैं.  

बकरी के जीभ और ऊपरी होंठ कुछ इस तरह से बने होते हैं कि वे छोटी-छोटी घास, झाड़ियों को चर सकते हैं.  

बकरियों के खाने में आप दलहन , गेंहू , मक्का जैसे अनाजो के अलावा दलहनी चारा भी दे सकते है. 

एवरेज में बात करें तो एक बकरी प्रतिदिन 5-7 KG चारा और 1 लीटर पानी का खपत कर सकती है. 

आंकड़े बताते हैं कि एक एकड़ चारा 35 बकरियों को खिलाने के लिए पर्याप्त हैं. 

5. बकरियों के परिपक्वता और प्रजनन के समय को समझे 

हर Goat Farmer को बकरियों के परिपक्वता और प्रजनन से जुड़ी जानकारी होनी चाहिए. 

सात महीने हो जाने के बाद बकरी प्रजनन के लिए तैयार हो जाती है लेकिन एक साल के बाद बकरियों का प्रजनन कराना सबसे अच्छा माना जाता है.  

प्रजनन कराने के दौरान उनका वजन 45-47 KG के आसपास होना चाहिए.  

प्रजनन के लिए अगर सही समय की बात करें तो इसके लिए अप्रैल और अगस्त का महीना सही होता है. 

प्रजनन के बाद बच्चे पैदा होने में कम से कम 150 दिन का समय लगता है. 

बकरी के बच्चे पैदा होने के बाद वे 2 महीने तक पालन-पोषण के लिए अपने माँ के दूध पर निर्भर होते हैं. 

इसलिए 2-4 महीने बीत जाने के बाद बकरी को बच्चो को अलग करके बड़ी हो रही बकरियों के साथ रख दे. 

6. रखें बकरियों के सेहत का ख्याल 

 Goat Farming Business में बकरी आपका कीमती संपत्ति है. इसलिए इन्हें स्वास्थ्य रखने के लिए आपको उचित ढंग से इनका देखभाल करना होगा.  

अच्छा होगा कि आप पशुकत्सक को टाइम-टाइम पर बकरियों के स्वास्थ्य का जायजा लेने के लिए बुलाते रहें.  इसके लिए आपको पता होना चाहिए कि जिस जगह पर आप Goat Farming शुरू करने वाले वहां कोई वेटरनरी डॉक्टर है या नहीं? 

अगर कोई डॉक्टर नहीं मिलता है तो आप पहले से अपने पास बेसिक वैक्सीन और मेडिसिन खरीद कर रख लें ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज किया जा सके.

बकरियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए इन बातों का ध्यान रखें-

  • बकरी और बकरा को कभी एक साथ न रखें. क्योकि बकरों का स्वभाव आक्रामक होता है वे बकरियों पर हमला करके उन्हें नुकसान पहुंचा सकती है. बकरी और बकरों को केवल प्रजनन कराने के लिए एक साथ रखें. 
  • अपने बकरियों को दूसरे जानवरो का झूठा खाना न खिलाए. 
  • बकरियों को बाड़ के बाहर कभी भी न जाने दें. 
  • बकरियों के स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए आप नजदीकी एग्रीकल्चर ऑफिस में जा सकते हैं.

7. बकरी पालन का बनवाए लाइसेंस 

Goat Farming Business अन्य बिजनेस के जैसा ही है. 

हालांकि यह बिजनेस Farming के अंतर्गत आता है लेकिन फिर भी आपको बकरी पालन के लागत के बाद मिलने वाला प्रॉफिट का भुगतान करने के बारे में पता होना चाहिए. 

अगर आप बड़े लेवल पर बकरी पालन का बिजनेस  शुरू करने वाले हैं तो आपको लाइसेस और अन्य कानूनी प्रक्रिया की जानकारी के लिए लोकल के पशुपालन विभाग से कांटेक्ट करें.

8.  लें Goat Farming के लिए लोन और सब्सिडी का लाभ  

अगर आप पहली बार बकरी पालन का बिजनेस शुरू करने वाले हैं और इसके लिए आपके पास पूरे पैसे नहीं है तो आपके लिए खुश-खबरी है. इस बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई तरह के गवर्नमेंट स्कीम या सब्सिडी लेकर आती रहती है. 

अगर आप इन स्कीम या सब्सिडी के बारे में जानकारी लेना चाहते हैं तो आप सरकार के तरफ से शुरू किया हुआ NABARD ऑफिस में जाकर बात कर सकते हैं कि आपको बकरी पालन के लिए कितना सब्सिडी मिल सकता है.

अगर आप बैंक से लोन लेना चाहते हैं तो आपको SBI, ICICI और HDFC बैंक से बकरी पालन के लिए लोन मिल जाएगा.  

और फिर आप बड़े आसानी से बकरी पालन बिजनेस शुरू कर सकते हैं. 

लोग अक्सर इस तरह के प्रश्न पूछते हैं- 

Bakri Palan Kaise Karen

बकरी पालन कैसे शुरू करें की जानकरी इस आर्टिकल में हमने आपको दे दी है. फिर भी संक्षिप्त में बता रहे हैं- बकरी पालन शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको अपने जरूरत के अनुसार सही नस्ल की बकरी लेना है. 
और फिर उनके रहने और खाने का बंदोस्त करना है.   
अगर आप बकरी पालन से जुड़ी तमाम जानकारी के लिए किसी Goat Farmer से मिलकर बात कर लेंगे तो आपके लिए और भी बेहतर होगा 

बकरी पालन की किताब

अगर आप बकरी पालन के बारे एक्स्ट्रा जानकारी लेना चाहते हैं तो आप Amazon से Bakri Palan – एक एटीएम नाम के  बुक को खरीद सकते हैं. Amazon में बकरी पालन के लिए अब मौजूद सबसे अच्छी पुस्तक है. लोगो ने इसे पढ़ने के बाद 5 में से 4 की रेटिंग दी है. जो काफी अच्छा रेटिंग माना जाता है. 

देसी बकरी की कीमत –

देसी बकरी की कीमत उनके वजन के हिसाब से होती है. अलग-अलग एरिया के मार्केट में आपको अलग रेट देखने को मिलेगा. अगर एवरेज कीमत की बात करे तो यह 10,000 से 15,000 के बीच हो सकता है. 

बकरी कहा से खरीदे

बकरी खरीदने के लिए आप किसी और राज्य से बकरी न मंगाए. इससे आपको ट्रांस्पोर्टेशन कॉस्ट ज्यादा आएगा जिससे सस्ती बकरी भी महंगी पड़ेगी.  इसलिए बकरी खरीदने के लिए अपने आस-पास के Goat फार्म चलाने वाले भैया से बात करें. 

बकरी के बच्चे कहां से खरीदें

बकरी के बच्चे भी आपको अपने Area के Goat Farmer के यहाँ से मिल जाएगे. 

बकरी पालन से कमाई

बकरी पालन से होने वाली कमाई दो तरह की होती है. एक बकरी के दूध को बेचकर और दूसरा बकरी को बेचकर. अगर बात करें बकरी बेच कर कितना कमाया जा सकता है तो यह प्रति बकरी के मूल्य और बेचे एगे बकरियों की संख्या पर निर्भर करेगा. अगर आप एक बकरी को 10-12 हजार रुपए में बेचते हैं तो 10 बकरी पर आपको 1 लाख रुपए का कमाई होगा. 

बकरी पालन में कितना खर्च आता है

अगर आप स्थानीय नस्ल की बकरी लेकर Goat Farming शुरू करते हैं तो प्रति बकरी पर लगभग 6 हजार रुपए का खर्चा आता है. 

10 बकरी पालने में कितना खर्चा आएगा?

प्रति बकरी पर लगभग 6 हजार रुपए का खर्चा के हिसाब से 10 बकरी पालने में 60 हजार रुएप का खर्चा आएगा. 

50 बकरी पालन के लिए कितनी जगह चाहिए?

50 बकरी पालन के लिए कितनी जगह चाहिए? यह प्रति बकरी के साइज पर निर्भर करेगा क्योकि कुछ नस्ल की बकरी छोटी तो कुछ बड़ी होती है. मानकर चलते हैं कि एक बकरी 20 वर्ग फ़ीट का जगह लेती है तो 50 बकरी पालन करने के लिए 1,000 वर्ग फ़ीट जगह की जरूरत होगी. 

100 बकरी के लिए कितनी जगह चाहिए?

इसी तरह अगर आप जानना चाहते हैं कि 100 बकरी के लिए कितनी जगह चाहिए? तो प्रति बकरी 20 वर्ग फ़ीट के हिसाब से 100 बकरी के लिए 2,000 वर्ग फ़ीट जगह की आवश्यकता होगी.

अगर आप आंध्रप्रदेश , तेलंगाना, कर्नाटक , सिक्किम , अरुणाचल प्रदेश , तमिलनाडु , असम , मध्यप्रदेश, झारखंड, तेलंगाना, बिहार , महाराष्ट्र , नागालैंड, त्रिपुरा , छत्तीसगढ़ , मणिपुर, ओडिशा , उत्तर प्रदेश, गुजरात , मिज़ोरम, राजस्थान या पश्चिम बंगाल में बकरी पालन का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आज के इस पोस्ट में दी गई जानकारी से आपको काफी हेल्प मिलेगा.

बकरी पालन बिजनेस शुरू करने के लिए ज्यादातर लोगो को शेड बनाने में प्रॉब्लम आती है तो उसके बारे में भी आपने डिटेल में जान लिया है. लेकिन इस बिजनेस को शुरू करने से पहले अगर आप एक बार किसी Goat Farm में विजिट कर आएंगे तो आपके दिमाग में आने वाले काफी सवालो के जवाब मिल जायेगे. 

अगर आपके पास आने-जाने का टाइम नहीं तो आप यूट्यूब वीडियो की भी हेल्प ले सकते हैं. या फिर इसी तरह के और ब्लॉग को भी पढ़ सकते हैं. 

2 thoughts on “बकरी पालन कैसे करें | जानिये बकरी पालन के लिए शेड बनाने का तरीका”

  1. शानदार जानकारी आपने दे दी है
    कुछ और सवाल भी हैं
    कृपया अपना नंबर दीजिए ताकि संपर्क के8ए जा सके
    मुझे कानपुर जिले में एक अच्छा गोएट्री फार्म खोलना है आपसे मदद की उम्मीद रहेगी

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